Posts

Showing posts from March, 2020

भरी महफ़िल में महोतरमा ने फ़रमाया-

  भरी  महफ़िल  में  महोतरमा ने फ़रमाया-  साजिश कर रहे हो पास आने की ज़रा सम्भलो  ज़िद कर रहे हो साथ चलने की  ज़रा सम्भलो  न मिलता इश्क़ ऐसे बोलने से क्या करोगे तुम  मर जाते हैं आशिक़ इश्क़ पाने को  ज़रा सम्भलो  हमने भी कह दिया-  नहीं करेंगे साजिश पास आने की  न ही करेंगे ज़िद साथ चलने की अरे हम तो वो  आशिक़  हैं जो एक मर्तबा मुहब्बत का इज़हार करते हैं  आपकी मर्ज़ी खुदा का फरमान समझते हैं  साजिशों  और ज़िदों से इश्क़ पाया नहीं जाता  आशिकी में मरा हुआ आशिक़ कहलाया नहीं जाता  करनी है मुहब्बत तो उससे करो  जिसे तुम्हारे बिन रात दिन भाया नहीं जाता 

"मैं एक लड़की होना चाहता हूँ"

Emotions of a boy where he wants to live a life of a girl. Don't doubt his sexual orientation. It is just because he wants to feel and live it closely.                                                                                                    मैं एक लड़की होना चाहता हूँ महसूस  करना  चाहता हूँ   उस पल को जब बापू को पता चले  उनके घर लड़की जनमी है सुनना चाहता हूँ   उन्हें कहते हुए  "म्हारे घर तो लक्ष्मी जनमी है" या  सुनना चाहत हूँ उन्हें कहते हुए  "दुसरे कि अमानत जनमी है" महसूस  करना  चाहता हूँ  माँ के उस प्यार को  जो वो मुझे सजाने में लगाएगी  मुझे रंग बिरंगे कपड़े पहनाएगी मुझे तरह तरह के जेवर पहनाएगी...

एक गृहणी क्या चाहती है ...

                                                                                                                                                      एक गृहणी क्या चाहती है  थोड़ा सा प्यार , दुलार , और अपनों का साथ आपार कितनी सी होती है उसकी ज़िन्दगी केवल चार दीवारी की हम तो एक दिन के जनता कर्फूय में भी ठीक से घर पर नहीं रुक पाए पर सोचों उसके बारे में सुबह से शाम और रात हो जाती है सड़क देखे कितना संघर्षपूर्ण जीवन है एक स्त्री का जिस घर में पैदा हुई शादी तक समय बिताया सो कॉल्ड स्कूल फ्रेंड्स बनाये पिता जैसा रक्षक पाया भाई-बहन , चाचा-चाची वो गालियाँ  खूबसूरत यादें एक रात में सब ख़तम पलक झपकते ही सब बदल गया सब एक...

बहुत याद आता है..

                                                                                                          एक बच्चे के  अपनी  माँ  के   लिए  जज़्बात  जिन्हें  उसने अपने  होश-आवास में  गवाँ  दिया हो  वो बच्चा क्या करेगा अपने दर्द को बयाँ        जिसने कभी अपनी माँ का आँचल महसूस ही न हो किया         वो लाडला भी क्या करेगा अपने दर्द को बयाँ  जिसने कभी अपनी माँ का आँचल महसूस ही न हो किया  अरे यारों माँ कि ममता का तो उससे पूछो  जिसने अपनी माँ को होश-आवास में दिया हो गवाँ वो बच्चा क्या करेगा अपने दर्द को बयाँ  जिसके ऊपर हो माँ का साया  वो लाडला भी क...

Popular posts from this blog

Winning Activity is all about love, care and affection.

बहुत याद आता है..

महसूस होगा

बहन

भरी महफ़िल में महोतरमा ने फ़रमाया-

दुर्बलता

लोगों को बहुत कहते सुना है

दोस्ती

एक दिन

दिल से दिल की मुक्कालात