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Showing posts from August, 2020

भरी महफ़िल में महोतरमा ने फ़रमाया-

  भरी  महफ़िल  में  महोतरमा ने फ़रमाया-  साजिश कर रहे हो पास आने की ज़रा सम्भलो  ज़िद कर रहे हो साथ चलने की  ज़रा सम्भलो  न मिलता इश्क़ ऐसे बोलने से क्या करोगे तुम  मर जाते हैं आशिक़ इश्क़ पाने को  ज़रा सम्भलो  हमने भी कह दिया-  नहीं करेंगे साजिश पास आने की  न ही करेंगे ज़िद साथ चलने की अरे हम तो वो  आशिक़  हैं जो एक मर्तबा मुहब्बत का इज़हार करते हैं  आपकी मर्ज़ी खुदा का फरमान समझते हैं  साजिशों  और ज़िदों से इश्क़ पाया नहीं जाता  आशिकी में मरा हुआ आशिक़ कहलाया नहीं जाता  करनी है मुहब्बत तो उससे करो  जिसे तुम्हारे बिन रात दिन भाया नहीं जाता 

कोरोना की ऐसी की तैसी

 आज मेरे तहेरे भाई का देहांत हो गया , आयु 30 वर्ष , मौत का कारण कोरोना वायरस।  काफी दिन से उनकी तबियत खराब थी।  बुखार था और साँस लेने में थोड़ी बहुत दिक्कत भी हो रही थी। सबने सोंचा की मौसम के फेरबदल की वजह से होगा। लेकिन तबियत ज्यादा खराब होने लगी। इसलिए उन्हें पास के डॉक्टर को दिखाया गया। डॉक्टर ने उनका कोरोना टेस्ट करने की सलाह दी। सभी ने उनकी सलाह को अहमियत देते हुए अगले दिन उनका कोरोना टेस्ट कराया। दुर्भाग्यपूर्ण उनका टेस्ट पॉजिटिव आय। इसने सभी को हक्का बक्का सा कर दिया।  सरकार के निर्देशानुसार और सभी की सुरक्षा के मद्देनज़र उनको वहीं भर्ती करा , थोड़े समय बाद सभी वापस घर आ गए। किसी ने उम्मीद ना थी,  मुदा   अगली सुबह उनकी मौत की खबर मिली। मौत का कारण कोरोना होने की वजह से उनका परिवार भी इसकी चपेट में हो , ऐसा संभव था। जिस वजह से न ही मेरे माता पिता और न ही मैं उनके आखरी दर्शन तो दूर उनके परिवार को सांत्वना देने भी न जा पाए।उनके परिजन हमरे सामने रोते-बिलखते रहे लेकिन हम टस से मस ना हो पाए। आज अपने आप को बहुत असहाए महसूस किया मैंने। कोरोना की वजह से ऐसा...

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