भरी महफ़िल में महोतरमा ने फ़रमाया-

  भरी  महफ़िल  में  महोतरमा ने फ़रमाया-  साजिश कर रहे हो पास आने की ज़रा सम्भलो  ज़िद कर रहे हो साथ चलने की  ज़रा सम्भलो  न मिलता इश्क़ ऐसे बोलने से क्या करोगे तुम  मर जाते हैं आशिक़ इश्क़ पाने को  ज़रा सम्भलो  हमने भी कह दिया-  नहीं करेंगे साजिश पास आने की  न ही करेंगे ज़िद साथ चलने की अरे हम तो वो  आशिक़  हैं जो एक मर्तबा मुहब्बत का इज़हार करते हैं  आपकी मर्ज़ी खुदा का फरमान समझते हैं  साजिशों  और ज़िदों से इश्क़ पाया नहीं जाता  आशिकी में मरा हुआ आशिक़ कहलाया नहीं जाता  करनी है मुहब्बत तो उससे करो  जिसे तुम्हारे बिन रात दिन भाया नहीं जाता 

बहन


                                                                                                                                     

उन भाईयों के लिए जिनके पास बहन नहीं है 

बहन 
ये तो केवल एक ख्वाब है हमारा        
रक्षाबन्धन भाई दूज   
ये तो जैसे अपनी त्योहारों की लिस्ट में हैं ही नहीं  
अपने हाथ में डोरा बाँधा 
लेकिन वो भी हमने खुद, 
नहीं तो पंडित जी ने बाँधा  
बहन  
ये तो केवल एक सुनहरा ख्वाब है हमारा  
कहीं चलते फिरते कोई भाई बुला दे  
तो हम ये भी नहीं कह सकते  
" क्या? कुछ कहा क्या ? "  
क्योंकि ऐसा सुनने के लिए तो कान तरसते हैं हमारे  
भाई सुनते ही पता नहीं क्यों  
४४० वोल्ट का करंट दौड़ने लगता है  
ज़िम्मेदारी का एहसास होने लगता है  
और दिल बस यही सोंचने लगता है  
कि कहीं ये कोई सपना तो नहीं होने लगता है  
बहन  
ये तो बस केवल एक खूबसूरत ख्वाब है हमारा  
दोस्त की बहन को देखकर  
दोस्त से जलन सी होने लगती है  
बस उसकी बहन को अपनी बहन मान खुश हो लेते हैं हम  
कुछ भाइयों की तो चचेरी तहेरी  
बहन , कमी पूरी कर देती हैं  
पर कुछ हम जैसे बद नसीब भी होते हैं  
जहाँ उनका भी साथ नहीं होता  
बहन  
ये तो बस केवल एक ........  
हम उससे झगड़ना चाहते हैं  
उसे मानना चाहते हैं  
उसके लिए लड़ना चाहते हैं  
पापा या मम्मी से उसकी चुगली करना चाहते हैं  
रक्षाबंधन भाई दूज जैसे त्योहारों को समझना मानना चाहते हैं  
साथ में खेलकर दुसरे को हराना चाहते हैं  
हम भी ये कहना चाहते हैं " बहन है मेरी बचके रहियो "  
उसके लिए उसका जीवन साथी ढूंढ़ना चाहते हैं  
उसकी बिदाई पर फूट फूट कर रोना चाहते हैं  
उसके दुःख सुख का साथी बनना चाहते हैं  
उसके लिए कुछ भी कर गुज़र जाना चाहते हैं  
गुड़िया  
ये तो बस केवल एक खूबसूरत सुनहरा ख्वाब है हमारा 

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