भरी महफ़िल में महोतरमा ने फ़रमाया-

  भरी  महफ़िल  में  महोतरमा ने फ़रमाया-  साजिश कर रहे हो पास आने की ज़रा सम्भलो  ज़िद कर रहे हो साथ चलने की  ज़रा सम्भलो  न मिलता इश्क़ ऐसे बोलने से क्या करोगे तुम  मर जाते हैं आशिक़ इश्क़ पाने को  ज़रा सम्भलो  हमने भी कह दिया-  नहीं करेंगे साजिश पास आने की  न ही करेंगे ज़िद साथ चलने की अरे हम तो वो  आशिक़  हैं जो एक मर्तबा मुहब्बत का इज़हार करते हैं  आपकी मर्ज़ी खुदा का फरमान समझते हैं  साजिशों  और ज़िदों से इश्क़ पाया नहीं जाता  आशिकी में मरा हुआ आशिक़ कहलाया नहीं जाता  करनी है मुहब्बत तो उससे करो  जिसे तुम्हारे बिन रात दिन भाया नहीं जाता 

महिला सशक्तिकरण

 


महिला सशक्तिकरण अर्थात महिलाओं को समाज के महत्वपूर्ण अंग के रूप में स्थापित करना


साथ ही समाज के पुरषों को ये बताना कि वे उन्हें( महिलाओं को ) कम आँकने कि गलती न करें।


जितना महत्पूर्ण ये शब्द है उतना महत्पूर्ण यह जानना भी है कि आखिर इसकी आवश्यकता ही


क्यों पड़ी।



इतिहास को टटोलें तो ज्ञात होता है कि महिलाओं को हमेशा से ही घर का कार्य सँभालने वाली


और आनंद का ज़रिया ही माना जाता रहा है।



देवताओं के समक्ष उनका नृत्य इसी बात का उदाहरण है। इसी प्रथा को कई जाने माने राजाओं


ने भी जारी रखा।



जौहर प्रथा, बाल विवाह, घरेलु हिंसा, ऐसी अनेकों यातनाएँ हुईं जिसने यह एहसास कराया कि


महिला समाज का ऐसा वर्ग है जिसे विशेष ध्यान कि आवश्यकता है। यहीं से महिला


सशक्तिकरण की शुरुआत होती है।


आज सरकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अनेकों योजनाएँ चला रही है। जिनमें से कुछ


इस प्रकार हैं :-


1. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम


2. महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम


ऐसी कई योजनाएँ हैं जिनका एक मात्रा उद्देश्य केवल इतना है कि समाज में महिलाओं को


बराबर का अधिकार मिले, उनको बोझ न समझा जाये, उनको प्रताड़ित न किया जाये।


महिला सशक्तिकरण को दर्शाती कई फिल्में भी बनाई गयी हैं, उदहारण के लिए पैडमैन।


सवाल यह है कि आखिर इतना शिक्षित, अपने आपको को मॉडर्न कहने वाले हम, अब तक


महिलाओं को यह विश्वास नहीं दिला पाए हैं कि वो कोई अलग नहीं हैं। उन्हें भी समान अधिकार


हैं पुरषों कि तरह।


महिला, ये शब्द माँ को समाए हुए है। अब जिस शब्द में माँ समायी हो उसको ये विश्वास दिलाना


होगा कि वो किसी अधिकार से वंचित नहीं है। वो सुरक्षित है। सभी उसके साथ हैं।





Comments

Popular posts from this blog

Winning Activity is all about love, care and affection.

बहुत याद आता है..

महसूस होगा

बहन

भरी महफ़िल में महोतरमा ने फ़रमाया-

दुर्बलता

लोगों को बहुत कहते सुना है

दोस्ती

एक दिन

दिल से दिल की मुक्कालात